भारत की सांस्कृतिक धरोहर और ज्ञान परंपरा पर ओबरा में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

Share

ओबरा/सोनभद्र (गिरीश तिवारी, अरविंद दुबे)- राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, ओबरा में सोमवार को सोन कल्चरल क्लब और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “भारत की सांस्कृतिक विरासत, कला एवं ज्ञान परंपरा” विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन हुआ। संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व स्वागत गीत के साथ हुआ।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रमोद कुमार ने अध्यक्षीय उद्बोधन में इसे अकादमिक गतिविधियों की श्रृंखला में एक उल्लेखनीय कड़ी बताया और कहा कि सोन कल्चरल क्लब के माध्यम से भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य अतिथि बीएचयू के दृश्य कला संकाय के प्रोफेसर राम शंकर ने कहा कि कला ही संस्कृति का आधार है, और संस्कृति सम्पूर्ण कलाओं की अभिव्यक्ति है। उन्होंने गायन कला का जीवंत प्रदर्शन किया, जिसमें डा. पंकज शर्मा व डा. अभिनव आचार्य ने वाद्य यंत्रों से संगत की। विशिष्ट अतिथि डा. वेणु वनिता (संगीत प्राध्यापिका, श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज, वाराणसी) ने भारतीय संगीत को विश्वस्तरीय बताया। ऑनलाइन माध्यम से जुड़े आसाम की डा. अनीता शर्मा ने भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि “विकास का मार्ग संस्कृति से होकर ही गुजरता है।” वहीं डा. राधा कान्त पाण्डेय ने संस्कृति को जीवन का आधार बताते हुए इसे संरक्षित करने की आवश्यकता जताई। इस अवसर पर डा. सोनम चौधरी, प्रो. आकाश, श्रुति एस (केरल), जीतेन्द्र सिंह, डा. सुमिता बनर्जी ने भी अपने विचार रखे। आयोजन सचिव डा. महेन्द्र प्रकाश ने संगोष्ठी का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि चेतना का संस्कृतीकरण और ज्ञान परंपरा का संरक्षण भारत जैसे विविधतापूर्ण देश के लिए अनिवार्य है। कार्यक्रम का संचालन संगोष्ठी संयोजक डा. किरण सिंह ने किया। इस मौके पर डा. मीरा, डा. विकास, डा. अमूल्य, डा. विभा, डा. विनोद बहादुर सिंह, डा. विजय, डा. बीना, डा. सचिन समेत महाविद्यालय स्टाफ, कार्यालय के राजेश्वर रंजन, महेश, कुंदन तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Author Profile

Public Bharat News
Public Bharat News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!