सोनभद्र। जनपद में धान खरीद व्यवस्था में हो रही अनियमितताओं को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। आज राबर्ट्सगंज नगर के मेन शाखा पर किसान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा की अगुआई में दर्जनों किसान पहुँच कर चार सूत्रीय ज्ञापन सौपकर कार्यवाई की मांग किये मांग न पूरा होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। पत्र में बताया गया कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहाँ की अधिकांश भूमि ढालू है, जहां किसान पारंपरिक धान की बजाय मुख्य रूप से (हाई ब्रीड/मिश्रित बीज) की खेती अधिक करते हैं। लेकिन केंद्रों पर हाई ब्रीड को मान्यता न मिलने और खरीद में की जा रही मनमानी के चलते किसान गहरी परेशानी झेल रहे हैं। इस संबंध में किसानों ने उत्तर प्रदेश सरकार से धान खरीद व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है। किसानों का कहना है कि सोनभद्र आकांक्षी जिलों में शामिल है, जहां कृषि संसाधन सीमित हैं और खेती का आकार भी छोटा है।

अधिकतर किसान एक से डेढ़ बीघे के छोटे खेतों में ही खेती करते हैं। ऐसे में प्रत्येक किलो धान के गुणवत्ता परीक्षण और मानक के नाम पर कटौती किसानों के लिए आर्थिक बोझ बन चुकी है। किसानों ने मांग उठाई है कि स्थानीय भू-भाग और फसल की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए खरीद मानक लागू किए जाएँ। किसानों द्वारा शासन को भेजे गए पत्र में मुख्य मांगें इस प्रकार हैं जिसमे प्रति बीघा उपज का मानक निर्धारित किया जाए किसानों ने कहा है कि सोनभद्र के पहाड़ी क्षेत्रों में औसतन प्रति बीघा 10 से 20 कुन्तल धान की पैदावार होती है। इसलिए खरीद के समय किसानों की औसत उपज का मानक उनके स्थानीय उत्पादन के अनुसार तय किया जाए, ताकि अनावश्यक कटौती और जांच से किसानों को राहत मिले। हाई ब्रीड धान को सभी खरीद केंद्रों पर लिया जाए किसानों ने स्पष्ट किया कि इलाके में सरबीड धान की खेती ज्यादा होती है, लेकिन खरीद केंद्र इसे स्वीकार नहीं कर रहे। इससे किसानों को निजी व्यापारियों के हाथों औने-पौने दाम पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों ने शासन से मांग की है कि सभी क्रय केंद्रों पर सरबीड धान को मान्य घोषित कर तत्काल खरीद शुरू की जाए। सहकारी समितियों से अटैच सभी मिलरों को FRK उपलब्ध कराया जाए मिलरों की ओर से FRK (Fortified Rice Kernel) की कमी का हवाला देकर धान खरीद को रोका जा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं। किसानों ने कहा कि सभी राइस मिलों को बराबर FRK उपलब्ध कराया जाए, ताकि धान खरीद में कोई बाधा न आए।

उपकेंद्रों पर विशेष ध्यान और निरीक्षण की मांग
सोनभद्र। चपकी, कोन, दुद्धी, विंढमगंज, बीरावल और बभनी क्षेत्र के उपकेंद्रों पर किसानों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि इन केंद्रों पर तौल में गड़बड़ी, टोकन वितरण में भेदभाव और गुणवत्ता के नाम पर अनावश्यक आपत्तियाँ लगाई जा रही हैं। शासन से मांग की गई है कि इन केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से विशेष निरीक्षण टीम भेजी जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। किसानों ने कहा कि वे अन्नदाता हैं और प्रदेश की खाद्य सुरक्षा का आधार हैं। ऐसे में उनके साथ हो रही अनियमितताओं को तत्काल रोका जाए। यदि समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं हुआ तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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